“प्रेम एक ऐसी एकल आत्मा है जो दो शरीरों में निवास करती है।”
प्रेम
विचार और चिंतन
💡 मुख्य विचार एवं चिंतन
“यह उद्धरण दर्शाता है कि सच्चा प्रेम दो दिलों और शरीरों को एक गहरी आत्मीयता के धागे में पिरो देता है।”
यह उद्धरण दर्शाता है कि सच्चा प्रेम दो दिलों और शरीरों को एक गहरी आत्मीयता के धागे में पिरो देता है।